प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना (PMAY-G) में बेघर और कच्चे मकान वाले ग्रामीण परिवारों को पक्का घर बनाने के लिए ₹1.20 लाख (मैदानी क्षेत्र) और ₹1.30 लाख (पहाड़ी/दुर्गम क्षेत्र) की सहायता मिलती है — पैसा 3 किस्तों में सीधे बैंक खाते (DBT) में आता है। नाम अब SECC नहीं, Awaas+ 2024 सर्वे से जुड़ता है। पात्रता, किस्तें और आवेदन की पूरी जानकारी नीचे।
योजना क्या है? (PMAY-G)
2016 में शुरू हुई यह केंद्र सरकार की योजना ग्रामीण भारत में "सबके लिए पक्का घर" का लक्ष्य रखती है। घर की न्यूनतम इकाई 25 वर्ग मीटर होती है, जिसमें साफ़ रसोई की जगह शामिल है। योजना को आगे बढ़ाया गया है और 2 करोड़ अतिरिक्त घरों का नया लक्ष्य (PMAY-G 2.0) तय हुआ है — इसी के लिए Awaas+ 2024 सर्वे से नए पात्र परिवार जोड़े जा रहे हैं।
कितना पैसा मिलता है?
| क्षेत्र | सहायता राशि |
|---|---|
| मैदानी क्षेत्र | ₹1,20,000 |
| पहाड़ी राज्य / पूर्वोत्तर / IAP दुर्गम ज़िले | ₹1,30,000 |
इसके अलावा जुड़ने वाले लाभ: शौचालय के लिए ₹12,000 (स्वच्छ भारत मिशन से), मनरेगा के तहत 90–95 दिन की मज़दूरी, और उज्ज्वला गैस कनेक्शन, बिजली, पानी जैसी योजनाओं से convergence। यानी असल सहायता राशि से ज़्यादा फ़ायदा मिलता है।
किस्तें कैसे आती हैं? (3 किस्तें + geo-tagging)

पहली किस्त — मंज़ूरी और घर की नींव (foundation) पर।
दूसरी किस्त — दीवारें/lintel स्तर तक काम पहुंचने पर।
तीसरी किस्त — छत डलने और घर पूरा होने पर।
हर चरण की फोटो geo-tagging (AwaasSoft/Awaas ऐप) से अपलोड होती है — तभी अगली किस्त जारी होती है। इसलिए काम शुरू करते ही ग्राम सचिव/आवास मित्र से फोटो अपडेट कराते रहें, वरना किस्त अटक जाती है।
पात्रता — किसे मिलता है घर?
ये पात्र नहीं (स्वतः बाहर): मोटर वाहन/कृषि उपकरण मालिक, ₹50,000+ लिमिट का किसान क्रेडिट कार्ड, सरकारी नौकरी वाला परिवार, ₹15,000+ मासिक आय, आयकरदाता, या पहले से पक्का घर। नाम है या नहीं — ग्रामीण सूची में अपना नाम यहां चेक करें।
ज़रूरी दस्तावेज़
आवेदन कैसे करें?
सीधा ऑनलाइन आवेदन नहीं होता — नाम Awaas+ 2024 सर्वे से जुड़ता है, जो self-survey ऐप या ग्राम सचिव के ज़रिए होता है। पूरी प्रक्रिया, सर्वे की अंतिम तिथि और नाम न होने पर क्या करें: ग्रामीण आवेदन और सर्वे की पूरी गाइड।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
PMAY ग्रामीण और शहरी में क्या फ़र्क़ है?
ग्रामीण (PMAY-G) गांव के परिवारों के लिए एकमुश्त सहायता देती है; शहरी (PMAY-U) में ब्याज सब्सिडी और अलग verticals होते हैं। दोनों की पात्रता और पोर्टल अलग हैं।
ज़मीन नहीं है तो घर मिलेगा?
भूमिहीन पात्र परिवारों को कई राज्य पहले ज़मीन/पट्टा देते हैं, फिर आवास सहायता। अपने ग्राम पंचायत/BDO से राज्य की व्यवस्था पूछें।
पैसा किस खाते में आता है?
लाभार्थी के आधार-linked, DBT-सक्रिय बैंक खाते में सीधे — किसी बिचौलिए/एजेंट को पैसे न दें।
घर बनाने में कितना समय मिलता है?
आम तौर पर मंज़ूरी से 12 महीने के भीतर घर पूरा करना होता है; किस्तें काम की प्रगति (geo-tagged फोटो) पर निर्भर हैं।
आगे पढ़ें: नई सूची में नाम चेक करें · सर्वे और आवेदन की प्रक्रिया · आवास की अन्य योजनाएं