कानून
8 लेखभारतीय कानून की हर धारा आसान भाषा में — IPC और नई भारतीय न्याय संहिता (BNS) की तुलना, अपराध, सज़ा और जमानत की सही जानकारी।
चार्जशीट क्या होती है? मतलब, कब दाखिल होती है और आगे क्या होता है — आसान हिंदी में
चार्जशीट FIR के बाद पुलिस जाँच का आख़िरी दस्तावेज़ है — FIR से ट्रायल तक का पूरा रास्ता, 60/90 दिन का नियम और default bail, closure report से फर्क, और कॉपी पाने का हक़।
लीगल नोटिस क्या है और कैसे भेजें 2026: फॉर्मेट, जवाब देने का तरीका और पैसे वसूली का नोटिस
लीगल नोटिस कोर्ट से पहले की लिखित चेतावनी है — कब भेजा जाता है, मिलने पर घबराए बिना क्या करें, पैसे वसूली का नोटिस, फॉर्मेट का ढाँचा और खर्चा — सब आसान हिंदी में।
लोक अदालत 2026: अगली तारीख़, टोकन रजिस्ट्रेशन और ट्रैफिक चालान माफी — पूरी जानकारी
लोक अदालत में चालान और छोटे केस मौके पर, कम पैसे में निपटते हैं — National Lok Adalat की तिमाही तारीख़ें, Delhi का टोकन तरीका, UP का रास्ता और कौन-से केस जा सकते हैं।
धारा 324 IPC क्या है? हथियार से चोट — अब BNS 118, सज़ा और जमानत
अपराध: ख़तरनाक हथियार से जानबूझकर चोट
धारा 324 (अब BNS 118) ख़तरनाक हथियार से चोट पहुंचाने की धारा है — 3 वर्ष तक सज़ा, गैर-जमानती और संज्ञेय। 323 से फ़र्क़, जमानत और केस की पूरी जानकारी।
धारा 323 IPC क्या है? मारपीट की सज़ा — अब BNS 115(2), जमानत और समझौता
अपराध: जानबूझकर चोट पहुंचाना (मारपीट)
धारा 323 (अब BNS 115(2)) मारपीट की धारा है — सज़ा 1 वर्ष या ₹10,000 जुर्माना (बढ़ा हुआ)। जमानती, असंज्ञेय और समझौता योग्य; 323 vs 324 vs 325 का पूरा फ़र्क़।
420 का मतलब क्या है? धोखाधड़ी की धारा — अब BNS 318, सज़ा और जमानत
अपराध: छल (धोखाधड़ी)
धारा 420 (अब BNS 318) धोखाधड़ी की धारा है — 7 वर्ष तक सज़ा, गैर-जमानती और संज्ञेय। कब लगती है, जमानत कैसे मिलती है और IPC 420 vs BNS 318 में क्या बदला।
354 IPC इन हिंदी: महिला की गरिमा पर हमला — 354A/B/C/D, सज़ा और नई BNS धाराएं
अपराध: महिला की गरिमा भंग करने के इरादे से हमला (छेड़छाड़)
धारा 354 (अब BNS 74) छेड़छाड़ की धारा है — 354A/B/C/D अब BNS 75/76/77/78। हर उप-धारा की सज़ा, जमानत और शिकायत की प्रक्रिया आसान हिंदी में।
307 धारा क्या है? हत्या का प्रयास — सज़ा, जमानत और नई BNS धारा 109 (2026)
अपराध: हत्या का प्रयास
धारा 307 (अब BNS 109) हत्या के प्रयास की धारा है — सज़ा 10 वर्ष तक, चोट पर आजीवन कारावास। गैर-जमानती और संज्ञेय; नीयत, जमानत और झूठे केस में क्या करें — पूरी जानकारी।