354 IPC इन हिंदी: महिला की गरिमा पर हमला — 354A/B/C/D, सज़ा और नई BNS धाराएं

धारा 354 महिला की गरिमा पर हमला — अब BNS धारा 74

धारा 354 (अब BNS 74) महिला की गरिमा भंग करने के इरादे से हमला या बल प्रयोग (छेड़छाड़) की धारा है। यह संज्ञेय अपराध है और जमानत गैर-जमानती श्रेणी में आती है।

धारा एक नज़र में

IPC — पुरानी धारा धारा 354 (354A/B/C/D)
BNS — अब यही धारा है धारा 74 (75/76/77/78)
गैर-जमानती संज्ञेय
अपराध
महिला की गरिमा भंग करने के इरादे से हमला (छेड़छाड़)
सुनवाई कहाँ
प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट
सज़ा
1 से 5 वर्ष (354); उप-धाराओं में 1 से 7 वर्ष तक
आधिकारिक स्रोत https://www.indiacode.nic.in/handle/123456789/20062
यह जानकारी को बेयर एक्ट से मिलाई गई थी

धारा 354 महिला की गरिमा (मर्यादा) भंग करने के इरादे से हमला या बल प्रयोग की धारा है — यानी छेड़छाड़। नए कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) में यह अब धारा 74 है, और इसकी उप-धाराएं 354A/B/C/D अब क्रमशः BNS 75, 76, 77, 78 हैं। सज़ा 1 से 7 वर्ष तक (उप-धारा के हिसाब से), और यह संज्ञेय अपराध है।

यह धारा कब लगती है?

जब कोई पुरुष किसी महिला पर उसकी गरिमा भंग करने की नीयत से हमला करे या बल का प्रयोग करे — जैसे बिना सहमति छूना, कपड़े खींचना, या ऐसा कोई कृत्य जिससे महिला की मर्यादा को ठेस पहुंचे। यहां सबसे अहम है नीयत (intent) और महिला की सहमति का न होना। शारीरिक चोट लगना ज़रूरी नहीं।

354 और उसकी उप-धाराएं — पूरी मैपिंग

354 की उप-धाराएं नई BNS मैपिंग — 354→74, 354A→75, 354B→76, 354C→77, 354D→78
पुरानी IPC → नई BNS मैपिंग
पुरानी IPCनई BNSअपराधसज़ा
35474गरिमा भंग करने के इरादे से हमला/बल प्रयोग (छेड़छाड़)1 से 5 वर्ष + जुर्माना
354A75यौन उत्पीड़न (अश्लील टिप्पणी, अवांछित माँग, पोर्न दिखाना)1 से 3 वर्ष (कृत्य के अनुसार)
354B76निर्वस्त्र करने के इरादे से हमला3 से 7 वर्ष + जुर्माना
354C77ताक-झांक (voyeurism)पहली बार 1–3 वर्ष, दोबारा 3–7 वर्ष
354D78पीछा करना (stalking), ऑनलाइन पीछा करनापहली बार 3 वर्ष तक, दोबारा 5 वर्ष तक
50979शब्द/इशारे से महिला का अपमान3 वर्ष तक + जुर्माना

354A (BNS 75) — यौन उत्पीड़न

शारीरिक संपर्क के साथ अवांछित यौन व्यवहार, यौन संबंध की माँग, अश्लील सामग्री दिखाना, या अश्लील टिप्पणी — ये सब इसमें आते हैं। कार्यस्थल पर होने वाले उत्पीड़न में यह धारा आम है (साथ में POSH कानून की आंतरिक शिकायत समिति भी लागू होती है)।

354B (BNS 76) — निर्वस्त्र करने का इरादा

महिला को निर्वस्त्र करने या ऐसा करने के लिए मजबूर करने के इरादे से हमला/बल प्रयोग। 3 से 7 वर्ष की सज़ा — यह गैर-जमानती और संज्ञेय अपराध है।

354C (BNS 77) — ताक-झांक (Voyeurism)

महिला की निजी गतिविधि (जैसे नहाते/कपड़े बदलते हुए) देखना, फोटो/वीडियो बनाना या उसे फैलाना। पहली बार 1–3 वर्ष, दोबारा 3–7 वर्ष। मोबाइल कैमरा और छिपे कैमरों वाले मामलों में यही धारा लगती है।

354D (BNS 78) — पीछा करना (Stalking)

महिला के मना करने के बावजूद बार-बार पीछा करना, संपर्क करने की कोशिश, या इंटरनेट/सोशल मीडिया पर निगरानी रखना। पहली बार 3 वर्ष तक, दोबारा 5 वर्ष तक। ऑनलाइन पीछा करने पर IT Act की धाराएं भी जुड़ सकती हैं।

जमानत और शिकायत की प्रक्रिया

  • 354 (BNS 74) और 354B (76) — गैर-जमानती, जमानत अदालत से।
  • 354A, 354C पहली बार, 354D पहली बार — आम तौर पर जमानती श्रेणी में; दोबारा अपराध पर सख़्ती बढ़ जाती है।
  • सभी संज्ञेय हैं — पुलिस बिना वारंट गिरफ़्तार कर सकती है और FIR दर्ज करना अनिवार्य है।
  • शिकायत किसी भी थाने में (zero FIR), या महिला हेल्पलाइन 181 / पुलिस 112 पर।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

354 अब कौन-सी धारा बन गई है?

BNS धारा 74। इसकी उप-धाराएं 354A→75, 354B→76, 354C→77, 354D→78 हो गई हैं।

क्या 354 में समझौता हो सकता है?

यह महिला-सुरक्षा से जुड़ी गंभीर धारा है और आम तौर पर गैर-शमनीय मानी जाती है — समझौते से केस अपने आप ख़त्म नहीं होता, अदालत ही तय करती है।

क्या पुरुष के ख़िलाफ़ ही लगती है?

354/BNS 74 की भाषा में अपराधी "पुरुष" और पीड़ित "महिला" है — यानी धारा इसी संदर्भ में लगती है।

ऑनलाइन छेड़छाड़ पर कौन-सी धारा?

अश्लील मैसेज/तस्वीरें भेजने पर BNS 75 (यौन उत्पीड़न) या 78 (stalking) के साथ IT Act की धाराएं भी लग सकती हैं।

झूठे आरोप लगें तो क्या करें?

तुरंत वकील से मिलें, अपने पक्ष के सबूत (चैट, कॉल, CCTV, गवाह) सुरक्षित रखें और जमानत की प्रक्रिया समय पर शुरू कराएं।

संबंधित धाराएं: धारा 307 — हत्या का प्रयास · IPC की अन्य धाराएं · कानून सेक्शन

लेखक के बारे में

आकाश भाटी

आपका हक़ के संस्थापक और लेखक। सरकारी योजनाओं, DBT प्रक्रिया और नागरिक सेवाओं पर लिखते हैं। हर लेख आधिकारिक पोर्टल और अधिसूचनाओं से मिलान के बाद ही प्रकाशित होता है, और हर पन्ने पर अंतिम सत्यापन की तारीख़ दर्ज रहती है — जो जानकारी पुष्टि न हो सके, वह प्रकाशित नहीं की जाती।

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