PM विश्वकर्मा योजना में 18 पारंपरिक ट्रेड के कारीगरों को ₹15,000 का टूलकिट e-voucher, ₹500/दिन भत्ते के साथ ट्रेनिंग और 5% ब्याज पर ₹3 लाख तक का बिना गारंटी लोन मिलता है। 18 ट्रेड की पूरी लिस्ट, लोन के दो चरण और आवेदन की सच्चाई नीचे है।
योजना क्या है?
सितंबर 2023 में शुरू हुई केंद्र सरकार की यह योजना हाथ और औज़ार से काम करने वाले पारंपरिक कारीगरों-शिल्पकारों के लिए है — लोहार, सुनार, दर्जी, कुम्हार जैसे 18 ट्रेड। मक़सद: पहचान (PM विश्वकर्मा सर्टिफिकेट + ID कार्ड), कौशल, आधुनिक औज़ार, सस्ता क़र्ज़ और बाज़ार से जुड़ाव। योजना 2027-28 तक चलेगी।
18 ट्रेड की पूरी लिस्ट
| # | ट्रेड | # | ट्रेड |
|---|---|---|---|
| 1 | बढ़ई (सुथार/कारपेंटर) | 10 | मोची / जूता कारीगर |
| 2 | नाव निर्माता | 11 | राजमिस्त्री |
| 3 | अस्त्रकार (हथियार बनाने वाले) | 12 | टोकरी/चटाई/झाड़ू बनाने वाले |
| 4 | लोहार | 13 | गुड़िया और खिलौना निर्माता (पारंपरिक) |
| 5 | हथौड़ा और टूलकिट निर्माता | 14 | नाई |
| 6 | ताला बनाने वाले | 15 | मालाकार (माला बनाने वाले) |
| 7 | सुनार | 16 | धोबी |
| 8 | कुम्हार | 17 | दर्जी |
| 9 | मूर्तिकार (पत्थर तराशने वाले) | 18 | मछली पकड़ने का जाल निर्माता |
दर्जी ट्रेड से जुड़ा "फ्री सिलाई मशीन" वाला सवाल बहुत आम है — सिलाई मशीन योजना की पूरी सच्चाई यहां पढ़ें।
क्या-क्या मिलता है?

| लाभ | कितना |
|---|---|
| पहचान | PM विश्वकर्मा सर्टिफिकेट + डिजिटल ID कार्ड |
| बेसिक ट्रेनिंग (5–7 दिन) | ₹500/दिन भत्ता — एडवांस ट्रेनिंग (15 दिन+) का विकल्प भी |
| टूलकिट प्रोत्साहन | ₹15,000 का e-voucher (ट्रेनिंग की शुरुआत में) |
| लोन — पहला चरण | ₹1 लाख (18 महीने चुकाने की अवधि), 5% ब्याज |
| लोन — दूसरा चरण | ₹2 लाख (30 महीने), 5% ब्याज — पहला चरण चुकाने पर |
| डिजिटल लेनदेन प्रोत्साहन | ₹1 प्रति लेनदेन (महीने में 100 तक) |
| मार्केटिंग सहायता | ब्रांडिंग, e-commerce से जुड़ाव, प्रदर्शनी |
₹3 लाख का लोन कैसे लें? (दो चरण)
CSC से आवेदन कर PM विश्वकर्मा सर्टिफिकेट पाएं और बेसिक ट्रेनिंग पूरी करें — लोन के लिए यह अनिवार्य है।
पहला चरण: ₹1 लाख तक का collateral-free लोन — 5% ब्याज (बाक़ी ब्याज सरकार देती है), 18 महीने में चुकाना।
दूसरा चरण: पहला लोन समय से चुकाने और डिजिटल लेनदेन अपनाने पर ₹2 लाख और — 30 महीने की अवधि।
लोन बैंक/MFI से मिलता है — स्थिति पोर्टल डैशबोर्ड पर दिखती है।
टूलकिट में क्या मिलता है?
टूलकिट "सामान का डिब्बा" नहीं — ₹15,000 का e-voucher (e-RUPI) मिलता है, जिससे कारीगर अपने ट्रेड के औज़ार ख़ुद चुनकर सूचीबद्ध दुकानों से खरीदते हैं। जैसे: दर्जी → सिलाई मशीन, बढ़ई → आरी/ड्रिल, नाई → किट। voucher बेसिक ट्रेनिंग की शुरुआत में मिलता है।
ट्रेनिंग सेंटर कैसे पता करें?
ट्रेनिंग सेंटर का आवंटन आवेदन verify होने के बाद ज़िले के हिसाब से होता है — SMS/पोर्टल डैशबोर्ड पर दिखता है। pmvishwakarma.gov.in पर training centres की सूची भी उपलब्ध है; अपने CSC संचालक से भी नज़दीकी सेंटर पूछ सकते हैं।
पात्रता
ज़रूरी दस्तावेज़
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या ₹15,000 नक़द मिलते हैं?
नहीं — e-voucher मिलता है जो सिर्फ़ औज़ार खरीदने में इस्तेमाल होता है। "खाते में ₹15,000 कैश" बताने वाले मैसेज फ़र्ज़ी हैं।
आवेदन ऑनलाइन घर से हो सकता है?
नहीं — self-registration बंद है, आवेदन CSC (जन सेवा केंद्र) से बायोमेट्रिक सत्यापन के साथ होता है। पूरी प्रक्रिया आवेदन गाइड में है।
लोन के लिए क्या गिरवी रखना पड़ता है?
नहीं — लोन collateral-free है। ब्याज सिर्फ़ 5% देना होता है, बाक़ी सरकार subvention से देती है।
महिलाएं आवेदन कर सकती हैं?
हाँ — पात्रता में महिला-पुरुष का भेद नहीं; दर्जी, मालाकार, टोकरी जैसी ट्रेड में बड़ी संख्या में महिलाएं जुड़ी हैं।
योजना कब तक चलेगी?
योजना वित्त वर्ष 2027-28 तक स्वीकृत है (₹13,000 करोड़ बजट)।
आगे पढ़ें: आवेदन की पूरी CSC प्रक्रिया और स्टेटस चेक · पोर्टल लॉगिन गाइड · फ्री सिलाई मशीन की सच्चाई · रोज़गार की अन्य योजनाएं